Wednesday, May 18, 2022
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मुंगेर क्रिकेट एकेडमी द्वारा आयोजित T-20 क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल में खगड़िया ने भागलपुर को हराया

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टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करती हुई भागलपुर की टीम ने 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 105 रन ही बना पाई

भागलपुर की ओर से समरजीत आदित्य ने 34 गेंदों में 30 रन एवं वीरू सिंह ने 24 गेंदों पर 17 रन का योगदान दिया

खगरिया की ओर से शानदार गेंदबाजी करते हुए अमन ने दो एवं सुमित कुमार ने एक सफलता हासिल किया

जवाब में शुरुआती ओवरों में संभल कर बल्लेबाजी करते हुए खगड़िया ने 20 ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 6 ओवर शेष रहते हुए ही लक्ष्य को हासिल कर लिया

खगड़िया की ओर से विश्वजीत गोपाला ने 45 रन 22 गेंदों पर बनाया एवं विराट सौरव ने 16 गेंदों पर 16 रन का योगदान दिया

भागलपुर की और से सचिन ने 3 विकेट झटके

सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार मैन ऑफ द सीरीज सचिन राय को चुना गया

मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार फाइनल मैच के विश्वजीत गोपाला रहे

बेस्ट बॉलर का पुरस्कार सचिन राय एवं बेस्ट विकेटकीपर का पुरस्कार खगरिया के डॉ कुमार सर्वप्रिय जो कि पेशे से एमबीबीएस डॉक्टर भी हैं
बेस्ट बल्लेबाज का पुरस्कार भागलपुर के अमन को एवं इस टूर्नामेंट में बेहतरीन कैच के लिए राइजिंग क्रिकेट एकेडमी के सुप्रीत को दिया गया

इस मैच के दो अंपायर संतोष राज एवं राजीव थे उन्हें सम्मानित भी किया गया

शानदार उद्घोषक एवं समाज के लिए हर ओवर में लोगों को जागरूक करने वाले आमिर उल इस्लाम उद्घोषक भी थे और उन्हें भी सम्मानित किया गया

विजेता टीम को 10000 नगद इनाम एवं उपविजेता टीम को 5000 नगर इनाम आयोजक समिति की ओर से दिए गए

मुख्य अतिथि के तौर पर महापौर समाजसेवी सुबोध वर्मा अरुण यादव संतोष पोद्दार विश्वजीत यादव निशान जसवाल इत्यादि लोग मौजूद थे

मुख्य अतिथियों ने इस आयोजन के लिए विनीत शर्मा और राहुल सिंह उर्फ टिंकू की जमकर प्रशंसा की

भैया/बहनों का शैक्षिक भ्रमण

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दिनांक 14.03. 2022 दिन सोमवार को गणपत राय सलारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर नरगाकोठी के एकादश के भैया /बहन शैक्षणिक भ्रमण हेतु राजगीर ,नालंदा का खंडहर एवं पावापुरी के लिए निकले।
भागलपुर विभाग के विभाग प्रमुख विनोद कुमार ने कहा कि भैया बहनों के लिए भ्रमण शिक्षा का अंग है। भ्रमण से जो छात्र सीखते हैं उसे पुस्तकों से सीखना कठिन है। सीखने में आँख की भूमिका अन्य ज्ञानेंद्रियों की तुलना में सबसे अधिक होती है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य नीरज कुमार कौशिक ने कहा कि विद्या भारती के विद्यालय शिशु /विद्या मंदिर द्वारा छात्रों को समय-समय पर शैक्षिक भ्रमण पर ले जाया जाता है। भ्रमण के माध्यम से छात्रों में एक अनुभूति जागृत होती है। भैया/ बहन इतिहास, विज्ञान, शिष्टाचार और प्रकृति को व्यक्तिगत रूप से जान सकते हैं। छात्रों में समूह में रहने की प्रवृत्ति, नायक बनने की क्षमता तथा आत्मविश्वास की भावना प्रबल होती है।
शैक्षिक भ्रमण प्रमुख अजय कुमार ने कहा कि एकादश के भैया बहनों का यह शैक्षिक भ्रमण राजगीर में विभिन्न स्थलों का भ्रमण करते हुए नालंदा खंडहर घूमने जाएंगे पुनः पावापुरी घूमते हुए विद्यालय दिनांक 15.03. 2022 के शाम तक वापस आएंगे। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य नीरज कुमार कौशिक, शैक्षिक भ्रमण प्रमुख अजय कुमार, शालिनी कुमारी एवं कक्षा एकादश के बीस भैया /बहन को शैक्षिक भ्रमण हेतु भागलपुर विभाग के विभाग प्रमुख विनोद कुमार ने हरी झंडी देकर विद्यालय से प्रस्थान किए।
मीडिया प्रभारी
शशि भूषण मिश्र

उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही अमरिया में अलग अंदाज में मनाया गया जश्न

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रिपोर्ट विनय गंगवार जे जे न्यूज़ अमरिया पीलीभीत

उत्तर प्रदेश के विधानसभा के नतीजे घोषित किए गए पीलीभीत कि चारों विधानसभाओं पर दोबारा भगवा रंग देखने को मिला पीलीभीत जनपद में दोबारा चारों सीटों पर भाजपा ने दमदार जीत हासिल की जीत का ऐलान होते ही क्षेत्र में समर्थकों ने जीत का जश्न बड़े अनोखे अंदाज में देखने को मिला जगह जगह बुलडोजर बाबा जिंदाबाद , तथा जय जय श्री राम के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा अमरिया कस्बे सहित माधोपुर फरदिया सहित तमाम गांव में लोगों ने बुलडोजर के ऊपर बैठकर जश्न मनाया तथा जगह-जगह डीजे नगाड़े भी बजाए गए जश्न में आशीष गुप्ता बृजेश अरोरा राकेश अरोरा अनमोल गुप्ता तथा ब्लाक प्रमुख श्याम सिंह, मिंटू गंगवार अंकित गंगवार ,महेंद्र भारती,सहित तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे

बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए सही और संतुलित आहार जरूरी

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बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए सही और संतुलित आहार जरूरी

  • सही और संतुलित पोषण से बच्चे नहीं होते हैं बौनापन का शिकार
  • जन्म से छह माह तक बच्चे के लिए मां का स्तनपान ही सम्पूर्ण आहार,इसके बाद स्तनपान के साथ अनुपूरक आहार है जरूरी

संतोष कुमार दास
मुंगेर। गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और शिशु को संतुलित पोषण सुनिश्चित कराना पहले से ही चुनौतीपूर्ण रहा है। कोरोना महामारी के दौर ने इस समस्या को और भी गति दी है। मातृ एवं शिशुओं को कुपोषण के दंश से बचाने के लिए पोषण पर ध्यान देना उतना ही जरूरी है जितना कि सांस लेने के लिए ऑक्सीजन युक्त शुद्ध हवा ।

एनआरसी मुंगेर की फीडिंग डिमांस्ट्रेटर रचना भारती ने बताया कि सही और संतुलित पोषण न मिलने से बच्चे बौनेपन के शिकार हो जाते हैं। इसलिए प्रसव के एक घन्टा के भीतर ही शिशु को स्तनपान कराना चाहिए। इससे बच्चे की रोग- प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है। शिशु जन्म के 6 महीने बाद तक बच्चे को सिर्फ और सिर्फ मां का स्तनपान ही कराना चाहिए। इस दौरान ऊपर से पानी भी शिशु को नहीं देना चाहिए ।

छह माह के बाद स्तनपान के साथ अनुपूरक आहार है जरूरी : उन्होंने बताया कि 6 माह के बाद बच्चों में शारीरिक एवं मानसिक विकास तेजी से शुरू हो जाता है। इसलिए 6 माह के बाद सिर्फ स्तनपान से जरूरी पोषक तत्त्व बच्चे को नहीं मिल पाता है। इसलिए छ्ह माह के उपरान्त अर्ध ठोस आहiर जैसे खिचड़ी, गाढ़ा दलिया, पका हुआ केला एवं मूंग का दाल दिन में तीन से चार बार जरूर देना चाहिए। दो साल तक अनुपूरक आहार के साथ माँ का दूध भी पिलाते रहना चाहिए ताकि शिशु का पूर्ण शारीरिक एवं मानसिक विकास हो पाए। उन्होंने बताया कि उम्र के हिसाब से ऊँचाई में वांछित बढ़ोतरी नहीं होने से शिशु बौनेपन का शिकार हो जाता है। इसे रोकने के लिए शिशु को स्तनपान के साथ अनुपूरक आहार जरूर देना चाहिए।

एनआरसी मुंगेर के नोडल अधिकारी विकास कुमार ने बताया कि शुरुआत के 1000 दिन नवजात शिशु के जीवन की सबसे महत्वपूर्ण अवस्था होती है । जो कि महिला के गर्भधारण करने से हीं प्रारम्भ हो जाते हैं। आरंभिक अवस्था में उचित पोषण नहीं मिलने से बच्चों का शारीरिक एवं बौद्धिक विकास अवरुद्ध हो सकता है। जिसकी भरपाई बाद में नहीं हो पाती है। शिशु जन्म के बाद पहले वर्ष का पोषण बच्चों के मस्तिष्क और शरीर के स्वस्थ्य विकास और रोग प्रतिरोधकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शुरुआती के 1000 दिनों में बेहतर पोषण सुनश्चित होने से मोटापा और जटिल रोगों से भी बचा जा सकता है।

उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान महिला को प्रतिदिन के भोजन के साथ आयरन ,फॉलिक एसिड एवं कैल्सियम की गोली लेना भी जरूरी है। इसके साथ ही एक गर्भवती महिला को अधिक से अधिक आहार सेवन में भी विविधता लानी चहिए। गर्भावस्था में बेहतर पोषण शिशु को भी स्वस्थ्य रखने में मदद करता है। गर्भावस्था के दौरान आयरन और फॉलिक एसिड के सेवन से महिला एनीमिया से सुरक्षित रहती एवं इससे प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव से होने वाली जटिलताओं से भी बचा जा सकता है। वहीँ कैल्सियम का सेवन भी गर्भवती महिलाओं के लिए काफ़ी जरूरी है। इससे गर्भस्थ शिशु के हड्डी का विकास पूर्ण रूप से हो पाता एवं जन्म के बाद हड्डी संबंधित रोगों से शिशु का बचाव भी होता है।

ब्लास्ट में मारे गए गणेश सिंह की बेटी रजनी दिल्ली से भागलपुर पहुंची,मलबों में अपनों को खोज रही

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पिता के जूते और चश्मे मिले तो बिलख पड़ी, बोली- मेरा परिवार खत्म हो गया

डॉ शशि कांत सुमन
भागलपुर। बम ब्लास्ट में कई के परिवार खत्म हो गए.धमाके में जमींदोज हुए घरों के मलबों में लोग अपनों की यादों को खोज रहे हैं। आंखों में आंसुओं का सैलाब लिए रिश्तेदारों के सामान को टटोल रहे हैं। ब्लास्ट में मारे गए गणेश सिंह की बेटी रजनी दिल्ली से सोमवार को भागलपुर पहुंची। खत्म हुए आशियाने को देख वह बिलख रही है। काफी कोशिशों के बाद उसे अपने पिता के जूते और चश्मे मिले तो यह देखकर वह दीवार पकड़कर फफक पड़ी। दिल्ली में पढ़ाई के साथ जॉब कर रही रजनी कहती हैं कि मेरा सब कुछ बर्बाद हो गया और पूरा परिवार ही खत्म हो गया है।
होली में पापा ने उसे बुलाया था : रजनी सिसकते हुए कहती है कि, ‘परिवार का पटाखा संबंधित किसी काम से कोई सरोकार नहीं था। मेरे पिता गणेश सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहें। हादसे के दो दिन पहले ही उन्होंने कहा था बिटिया होली में घर आ जाना, मन नहीं लगता है। रजनी दिल्ली से होली में घर आने की तैयारी कर रही थी। अपने पापा के लिए कपड़े भी खरीदी थी, लेकिन अब उन कपड़ों को लेकर सिर्फ बिलखते हुए वह रो रही है।
एक साल से वह भागलपुर नहीं आई थी । साल 2007 में गणेश सिंह ने यहां पर छोटा सा आशियाना बनाया था। चार बहनों में वह सबसे छोटी है। तीन बहनों की शादी हो चुकी है।रजनी ने बताया कि चार साल से वह दिल्ली में रहती थी और पिछले एक साल से भागलपुर नहीं आई थी। घटना की रात उसकी एक महिला मित्र ने उसे फोन पर जानकारी दी कि उसके घर के समीप जबरदस्त धमाका हुआ है, लोगों की काफी भीड़ जुटी है।
यादों को समेट रही है बिटिया : रजनी जैसे ही मलबे में तब्दील हुए घर के पास पहुंचती है। वह परिवार से जुड़ी यादों को समेटने लगती है.पापा जिस पलंग पर सोते थे.उसे पकड़कर रोने लगती है और बिलखते हुए कहती है कि यहीं पापा न्यूज देखा करते थे और फिर सो जाया करते थे। उनको कब से दिल्ली बुला रही थी.वो आ गए होते तो आज मेरे साथ होते.’ रजनी के पिता के साथ-साथ उसकी मौसी की भी मौत हो गई। वह कुछ दिनों पहले ही यहां आई थी। रोती हुई रजनी कहती है मौसी की तीन बेटियां हैं,उसका ख्याल अब कौन रखेगा.बेटी रजनी को रोता देख स्थानीय लोगों की आंखों में भी आंसू आ जा रहे हैं। भागलपुर बम ब्लास्ट मामले में पुलिस ने लीलावती, महेंद्र मंडल और मो. आजाद को घटना में आरोपी बताते हुए वारदात में शामिल लोगों पर मामला भी दर्ज किया है। पूरी घटना की जांच अब एटीएस कर रही है।

पर्यावरणीय मूल्यांकन को लेकर हुई बैठक, डीएम ने डाटाबेस तैयार करने का दिया निर्देश

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डॉ शशि कांत सुमन
मुंगेर। पर्यावरणीय मूल्यांकन को लेकर जिला पर्यावरण योजना बनाया जाना है। इसे लेकर आज जिला पदाधिकारी, वन प्रमंडल पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने संबंधित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में मुख्य रूप से सभी विभागों द्वारा किये जाने वाले कार्यों के पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर डाटाबेस तैयार करने की बात कही गयी। मुख्य रूप से खनन, नगर निगम, नगर परिषद, उद्योग, ग्रामीण विकास, पीएचईडी के द्वारा किये जाने वाले कार्यों और एवं उसके पर्यावरण प्रभाव को विस्तृत रूप से डाटाबेस तैयार करने हेतु उन्हें प्रपत्र दिया गया। प्रपत्र में प्राप्त डाटाबेस के आधार पर जिला पर्यावरण योजना तैयार की जायेगी। बैठक में उप विकास आयुक्त संजय कुमार, अपर समाहर्ता विद्यानंद सिंह एवं सभी विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।

डीएम ने 43 दिव्यांगों को ट्राई साईकिल किया वितरित

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डॉ शशि कांत सुमन
मुंगेर। मुख्यमंत्री सामर्थ संबल योजना के तहत सामाजिक सुरक्षा कोषांग द्वारा आज 43 ट्राई साईकिल योग्य लाभार्थी के बीच वितरित किया गया। समाहरणालय परिसर से जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने हरी झंडी दिखाकर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा कोषांग में अबतक प्राप्त सभी आवेदनों पर विचार करते हुए सभी को आवश्यक उपकरण ट्राई साईकिल वितरित कर दिये गये है। बावजूद इसके यदि कोई अन्य जो छुटे हुए है या जिन्हें कृत्रिम अंग उपकरण ट्राईसाईकिल, व्हील चेयर, वैशाखी की आवश्यकता हो तो अवश्य जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग मुंगेर में आवेदन दें। सभी योग्य लाभार्थी को इसका लाभ दिया जायेगा। इसके अतिरिक्त जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण कोषांग के द्वारा कृत्रिम अंग यथा ट्राईसाईकिल, वैशाखी, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र इत्यादि का वितरण किया जायेगा। इसके लिए दिव्यांगजनों को विहित प्रपत्र में आवेदन फार्म, यूडीआईडी कार्ड, दो दिव्यांगता दिखता हुआ फोटो, आय प्रमाण पत्र (02 लाख से कम), आवासीय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड की छायाप्रति के साथ जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग मुंगेर या संबंधित प्रखंड कार्यालय, बुनियाद केन्द्र में जमा कर सकते है। किसी भी तरह की सहायता के लिए सामाजिक सुरक्षा कोषांग मुंगेर कार्यालय के मोबाईल नम्बर 8789685211 पर संपर्क किया जा सकता है।

सरपंच संघ ने धरहरा थानाध्यक्ष रोहित कुमार सिंह को सम्मानित किया

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प्रखंड सरपंच संघ अध्यक्ष सह धरहरा दक्षिणी सरपंच राकेश रंजन उर्फ काली चरण ने धरहरा थाना परिसर पंहुच कर धरहरा थाना अध्यक्ष रोहित कुमार सिंह को बेहतर पुलिसिंग व सेवा कार्यों के लिए सम्मानित किया.सरपंच ने माला पहना कर,शॉल और प्रशस्ति पत्र देकर एसएचओ को सम्मानित किया.काली चरण ने बताया कि थाना अध्यक्ष रोहित सिंह ने शराब बंदी कानून को क्षेत्र में कठोरतापूर्वक लागू करवाया.अपराध नियंत्रण के मामलों में पुलिस का श्रेष्ठ प्रदर्शन रहा.थाना से दलालों की बैठक समाप्त हुई.आम फरियादियों को थाना पंहुचने पर पुलिस कर्मियों द्वारा सम्मान और सहयोग किया जाता है.युवा खिलाड़ियों को समय समय पर प्रोत्साहन देकर उन्हें आगे बढ़ाने के लिए एसएचओ तत्पर रहते हैं.इनके उत्कृष्ट कार्य प्रणाली को देख कर सरपंच संघ द्वाराई इन्हें सम्मानित करने का निर्णय लिया गया.राकेश रंजन ने थाना अध्यक्ष से क्षेत्र के सरपंचों को सहयोग देने की अपील की.मौके पर धरहरा थाना अध्यक्ष रोहित कुमार सिंह ने कहा कि अच्छे कार्यों की सराहना और गलतियों पर आलोचना दोनों ही व्यक्ति के विकास की सीढ़ी है.पुलिस आलोचना और प्रशांसा को समान भाव से स्वीकार करती है.और नियमानुसार कार्य करती है.इस दौरान अन्य जनप्रतिनिधि व पुलिस कर्मी मौजूद रहे.
मुंगेर/धरहरा-योग चैतन्य (बिट्टू कुमार सिंह)

हिम्मत और हौसले से मिलेगी उड़ान-प्रशिक्षु दरोगा अमृता कुमारी

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धरहरा थाना की प्रशिक्षु दरोगा का खुद का जीवन बड़ा ही संघर्ष भरा रहा।पर उन्होंने संषर्घों का न केवल सामना किया बल्कि विषम परिस्थितियों में संघर्ष कर के सफलता भी पाई और परिवार व समाज के समक्ष महिला शक्ति की मिसाल बनी।वह चार बहनों में सबसे बड़ी हैं।पढ़ाई और तैयारी के दौरान माँ का विशेष आग्रह नौकरी के बजाय उनकी शादी को लेकर था।जबकि शिक्षित और आत्मनिर्भर होना अमृता की पहली प्राथमिकता थी।अपनी सफलता का श्रेय वह पिता को देते हुए बताती है कि पिता सदैव उनके फैसले में सहयोगी रहे और सकारात्मक विचारों से हौसला बढ़ाया।जब इकलौते भाई का गंभीर बीमारी से मौत हुआ तो पूरा परिवार टूट गया।वावजूद उन्होंने हिम्मत और हौसला नही हारा और इतने बड़ी दुख के बीच पढ़ाई और मेहनत जारी रखा।एक वर्ष बाद बिहार पुलिस में दरोगा पद पर सफल होकर परिवार का संबल बनी और समाज के समक्ष भी एक मिशाल कायम किया।पुलिस का काम चुनौतियों और खतरों भरा है।इस बीच अमृता स्वयं को यहां हर मोर्चे पर साबित कर रही है.वह कहती है की महिलाओं को सरकार के प्रत्येक योजनाओं की जानकारी होनी चाहिए.ताकि उसका लाभ लेकर वह शिक्षित और आत्मनिर्भर हो और समाज निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाए।वे महिलाओं को निडर होने का संदेश देती है.

संदर्भ-अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर पत्रकार योग चैतन्य (बिट्टू कुमार सिंह) और एसएचओ अमृता कुमारी से हुई बातचीत पर आधारित-

हम किसी से कम नही-सीओ पूजा कुमारी

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विश्व भर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस आज मनाया जा रहा है।जनपद में भी तमाम ऐसी महिला शक्ति हैं जो कि परिवार,समाज,पेशे की चुनौती और दायित्व का एक साथ निर्वाह्न कर रही हैं।इन्हीं महिला शक्ति में हैं धरहरा अंचलाधिकारी पूजा कुमारी।महिला दिवस के मौके पर उन्होंने महिलाओं के लिए चुनौतियों और अवसर पर अपनी राय रखी।और संघर्ष करती महिलाओं को संदेश भी दिया.

अंचलाधिकारी पूजा कुमारी कहती है। दशकों पूर्व महिलाओं के प्रति पुरुष प्रधान समाज का विचार आज काफी बदला है।बदलते दौर में महिलाओं ने भी चुनौतीपूर्ण कार्यों को सफलतापूर्वक लक्ष्य तक पंहुचा कर के स्वयं को हर मोर्चे पर साबित किया है।महिलाओं को लेकर दकियानूसी ख्याल सबसे बड़ी बाधा थी।जब समाजिक बंदिशें टूटी और लड़कियों को समानता का माहौल मिला तो महिला शक्ति ने अपने बुद्धि चातुर्य और कार्य कुशलता से समाज का परिचय करवाया।सरकार ने भी महिलाओं को सषक्त और आत्मनिर्भर करने के लिए एक से बढ़ कर एक योजना चलाई।इसका असर हुआ कि महिला शक्ति आज किसी से कम नहीं हैं।हर क्षेत्र में पुरुषों से आगे जा रही हैं।महिलायें ऐसी भी हैं जो की समाज की अन्य महिलाओं के हितों के लिये भी कार्य कर रही हैं।महिलाओं को उनके अधिकारों से अवगत कराती हैं।कुरीतियों एवं अंधविश्वास से दूर रहने को प्रेरित करती हैं।महिलाओं को सशक्त बनाने का कार्य करती है।इन्होंने समाजिक,आर्थिक,राजनीतिक,प्रशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में लोहा मनवाया है।शिक्षा और आत्मनिर्भरता महिलाओं का सबसे बड़ा हथियार है।और सब से बड़ी चुनौती स्वयं के प्रति पुरुष प्रधान समाज निर्मित मानसिकता और धारणाओं से बाहर निकलने की है।

-संदर्भ-जैसा कि उन्होंने पत्रकार योग चैतन्य (बिट्टू कुमार सिंह) से बातचीत के दौरान कहा-