Wednesday, September 22, 2021
Homeसिनेमामनीषा आज भोजपुरी लोकगीत के हर विधा पर काम कर रही है।

मनीषा आज भोजपुरी लोकगीत के हर विधा पर काम कर रही है।

भोजपुरी लोकगीतों को आज तमाम गायक/गायिका अपने तरीके से गा रहे है। जिसमे कुछ ऐसे गायक/गायिका है जो आज भोजपुरी/मैथिली/अवधि के पारम्परिक लोकगीत के साथ साथ आधुनिक गीत पर काम कर रहे है और उसे डिजिटल रुप में सहेजने व संवारने का काम कर रहे है।
ऐसे ही लोकगीतों को सहेजने व संवारने में लगा एक नाम है लोकगायिका Manisha Srivastava. मनीषा आज भोजपुरी लोकगीत के हर विधा पर काम कर रही है। सोहर, झूमर, कजरी, ठुमरी, पूर्वी, विदेसिया, बारहमासा, जंतसारी, रोपनी गीत, श्रम गीत, संस्कार गीत, शृंगार गीत, विरह गीत, खेलवना, धोबिया गीत, विवाह गीत आदि के साथ साथ पाश्चात्य गीत को भी बहुत मधुर आवाज में गा रही है। उसे डिजिटल रुप में सहेज रही है। मनीषा श्रीवास्तव अभी एक बहुत महत्वपूर्ण काम भोजपुरी में कर चुकी हैं “लोक में गाँधी” को खोजने की। उन्होंने बिहार के तमाम जगह पर जाकर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जहां गाँधी जी चंपारण सत्याग्रह के समय गए थे व आपने आजादी के लड़ाई में बिहार को हिस्सा बनाए थे।
मनीषा दूरदर्शन और नीजि चैनल के साथ साथ अपना व्यक्तिगत एलबम भी गाती है। अब तक विभिन्न विधा को सहेजे कई एलबम आ चुका है। साफ सुथरा व पारिवारिक गीत के साथ साथ पारम्परिक गीतों को गाने के प्रति कटिबद्ध गायिका है मनीषा श्रीवास्तव। इनके आवाज से प्रभावित होकर आज सरकार समेत तमाम संस्थाएं उन्हें अपने कार्यक्रम में बुला कर सम्मान दे रहा है।

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