Tuesday, January 26, 2021
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भक्त के लिए कठिन है डगर, बिहार कांग्रेस को निकट भविष्य में अन्तर्कलह से निजात मिलने के आसार नहीं:- बाबा-भागलपुर

भागलपुर, बिहार। बिहार में पार्टी को मजबूत करने के लिए कांग्रेस बीते कई वर्षों से एक ‘संजीवनी’ की तलाश कर रही है। हालांकि 2015 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 27 सीटें जीतकर अपनी मजबूती का दावा भी पेश किया था लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में कांग्रेस मात्र 19 सीटें ही जीत सकी। कांग्रेस पार्टी महागठबंधन में घटक दल के तहत राज्य के 243 विधानसभा सीटों में से 70 सीटों पर चुनाव लड़ी थी।
इस सन्दर्भ में बाबा-भागलपुर का आलेख करारी हार के बाद बिहार कांग्रेस में जंगी कार्रवाई के आसार, अगले प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में दलित नेता प्रबल दावेदार! बिहार सहित अन्य प्रदेशों की हिन्दी दैनिक समाचार पत्रों 02 जनवरी 2021 को प्रकाशित हुई। फलतः 05 जनवरी 2021 (मंगलवार) को शक्ति को मिली मुक्ति, भक्‍त चरण दास बिहार कांग्रेस के प्रभारी बनाए गये। विधान सभा चुनाव में करारी हार की गहन समीक्षोपरान्त भक्‍त चरण दास बिहार प्रदेश कांग्रेस में उपर से नीचे तक राजनीति सर्जरी करेंगे।
बिहार राज्य के प्रभारी का दायित्व मिलने से भक्त चरण दास को विभिन्न समस्याओं से रूबरू होना पड़ेगा। अगर धरातल पर समस्याओं का समाधान में अग्रणी भूमिका निभाते हैं तो जय-जय नहीं तो क्षय-क्षय होना सुनिश्चित है। बिहार प्रभारी बनाए जाने के बाद भक्‍त चरण दास 11 जनवरी 2021 (सोमवार) अपराह्न लगभग 1:30 बजे पहली बार पटना स्थित बिहार कांग्रेस पार्टी के मुख्यालय सदाकत आश्रम पहुंचे। जहां उन्हें पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के हंगामे का सामना करना पड़ा।
इस सम्बन्ध में अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त ज्योतिष योग शोध केन्द्र, बिहार के संस्थापक दैवज्ञ पं. आर. के. चौधरी उर्फ बाबा-भागलपुर, भविष्यवेत्ता एवं हस्तरेखा विशेषज्ञ ने सुगमतापूर्वक बतलाया कि:- मुहूर्त ज्योतिष के अन्तर्गत अवलोकनोपरान ज्ञात हो रहा है कि:- त्रयोदशी तिथि, ध्रुव योग, वृष लगन, धनु के चन्द्र व कुम्भ नवांश। वृष लग्न में प्रबल कारक ग्रह शनि नवम स्थान में अवस्थित होकर राहु से दृष्ट व बृहस्पति, बुध से युति सम्बन्ध बनाकर इंगित कर रहा है कि बिहार कांग्रेस को लम्बी अवधि तक संघर्ष का सामना करना पड़ सकता है वहीं युवा, दलित, मुस्लिम, ब्राह्मण, भूमिहार वर्गों के नेता का विशेष प्रभाव बिहार कांग्रेस पर रहेगा। किसी गलत निर्णय की वजह से 18 जनवरी से अप्रैल 2021 तक आलोचना का शिकार तथा कानूनी चक्कर में उलझना पड़ सकता है।
पार्टी में महिला नेत्री की भागीदारी बढेगी। बराबर कांग्रेस पार्टी के आन्दोलनातमक स्थिति में रहने से बिहार सरकार के समक्ष विस्फोटक स्थिति उत्पन्न हो सकती है। पार्टी में आपसी टूट-फूट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। आकाश मंडल में ग्रहों की स्थिति व गोचर के फलस्वरूप 2023 ईo से बिहार कांग्रेस में उपलब्धि के योग बन रहा है। फलस्वरूप पार्टी का जनाधार बढ़ेगा। सप्तम स्थान में केतु विराजित है और सप्तमेश मंगल व्यय भाव में अपने घर में अवस्थित है। केतु ग्रह पर मंगल ग्रह की पूर्ण दृष्टि है, सातवाँ घर साझेदारी का होता है और इससे ही ज्ञात हो रहा है कि महागठबंधन यथा राजद, वामदल और अन्य घटक दलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और ग्रहों की स्थिति महागठबन्धन पर पृथक भूमिका निभा सकता है। अष्टम स्थान में तीन ग्रहों की युति प्रतिकूल है। फलतः भक्त चरण दास के लिए कठिन है डगर, बिहार कांग्रेस को निकट भविष्य में अन्तर्कलह से निजात मिलने के आसार नहीं।
हम अपनी दृष्टिकोण से कल्याण की कामना ही करते हैं और आवश्यक नहीं की वह सर्वमान्य हो, विरोधाभास स्वाभाविक है। क्योंकि सर्वमान्य तो ईश्वर ही है। हम तो निर्द्वन्द साधक है और हमारी भविष्यवाणी को ऐसा गौरव मिला जिसे इतिहास कभी भूला नहीं सकेगा।

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