Wednesday, January 20, 2021
Home अपराध डी एम साहब कब कसी जाएगी इन झोलाछापों डॉक्टरों पर नकेल कब...

डी एम साहब कब कसी जाएगी इन झोलाछापों डॉक्टरों पर नकेल कब होगा हमारा जिला झोलाझाप डॉक्टर मुक्त।

रिपोर्ट-मोहम्मद नदीम ब्यूरो चीफ पीलीभीत।

पीलीभीत: जिला पीलीभीत में झोलाछाप डॉक्टरों का फैला है मकड़जाल आखिर किसने दिया इन्हें लोगों की जिंदगी से खिलबाड़ करने का लाइसेंस किसके सहारे इतनी तानाशाही से कर रहे है प्रैक्टिस ।
कब कसेगा प्रशासन इन पर लग़ाम एक दो पर कार्यवाही करके अधिकारी झाड़ लेते है अपना पल्ला आखिर क्यों नही
माफियाओ पर शिकंजा कसा जा रहा है।
बीएएमएस बीयूएमएस बीएचएमएस की फ़र्ज़ी डिग्री लगाकर बिना रजिस्ट्रेशन कराए सीना तान कर अंग्रेज़ी दवाओं से लोगों का इलाज कर रहे है।अपने आप को डिग्रीधारक बता रहे है जबकि सच्चाई कुछ और है अगर इनकी जांच की जाए तो आधे से ज्यादा के रजिस्ट्रेशन नही निकलेंगे।
इनकी डिग्री की जांच होना चाहिए दूध का दूध पानी का हो जाएगा। अंग्रेज़ी दवाओं से तो सिर्फ एमबीबीएस ही इलाज कर सकते है आखिर कब तक पनपता रहेगा इन लोगों का गोरखधंधा।कब कसी जाएगी इन फ़र्ज़ी डिग्री बिना रजिस्ट्रेशन के चलाने वाले डॉक्टरों पर नकेल।
बात यहीं खत्म नहीं होती है इसकी आड़ में मेडिकल स्टोर ड्रग हाउस भी भरपूर फायदा उठा रहे हैं जिन्हें सही से बीमारियों के बारे में जानकारी भी नहीं है डी फार्मा बी फार्मा लगाकर मेडिकल चलाते हैं वह भी मरीजों को देखने से नहीं चूक रहे हैं धड़ल्ले से मेडिकल की आड़ में लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं इन लोगों को प्रशासन का कोई डर नहीं है लोगों के साथ छल कपट कर उनको हर बीमारी की दवाइयां दे रहे हैं।
सिर्फ पत्रकारों पर ही करेंगे प्रशानिक अधिकारी कार्यवाही जहानाबाद में प्रेस कार्यालय को फर्जी क्लीनिक बना कर गंभीर धाराओ में केस दर्ज कर दिया।एक बेकसूर पत्रकार को एक फर्जी डॉक्टर बनाकर अपराधी बना दिया जबकि
माफिया खुलेआम फ़र्ज़ी क्लिनिक चला रहे है उन पर कोई कार्यवाही नही हो रही है।पत्रकार के आफिस को क्लिनिक दर्शाकर मुजरिम बना दिया जबकि जहानाबाद में 50 से ज्यादा डॉक्टर दुकाने सजाकर लोगों का इलाज कर रहे है उन पर मेहरबानी आखिर क्या वजह है। जिले में हजारों डॉ फर्जी डिग्री लगाकर अपने क्लीनिक खोले बैठे हैं और मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं यदि हम बात पीलीभीत शहर की करें तो यहां भी रामा कॉलेज रोड पर श्रद्धा गोदान हॉस्पिटल कि डॉ सविता गंगवार बीएमएस होकर खुद को बर्षो से स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ लिखकर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रही है। इनके इसी खिलवाड़ की वजह से बरखेडा निवासी रीना पत्नी विमलेश कुमार की मौत हो चुकी है जिसकी कई बार मृतका के पति ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी सीमा अग्रवाल से लेकर जिला अधिकारी तक शिकायत की लेकिन इन पर कोई भी कार्यवाही नहीं की गई वही पीलीभीत में माधोटांडा रोड पर गायत्री हॉस्पिटल की डॉक्टर निर्मला गंगवार भी बीएएमएस हो कर स्वयं को स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ लिखकर 29 अक्टूबर को जच्चा बच्चा को लापरवाही से इलाज करते हुए उसे मौत के मुंह में धकेल चुकी हैं इसके साथ ही पीलीभीत की आवास विकास कॉलोनी में अपना नर्सिंग होम भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मेहरबानी से बिना रजिस्ट्रेशन के जिले के अंदर सीना ठोकर चल रहा था यदि जिले के बाहर की बात करें तो अमरिया तहसील के करगैना गांव में लाइफ केयर क्लीनिक के नाम से हॉस्पिटल चल रहा है जिसमें डॉ आलिया बेगम बीएससी एनम होकर स्वयं स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ लिखकर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रही हैं वहीं इसी अस्पताल के डॉक्टर स्वामी पटेल बीएएमएस होकर स्वयं को सर्जन लिखकर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने से नहीं चूक रहे यहां पर बड़ा सवाल यह उठता है कि यदि इन फर्जी डॉक्टरों को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त नहीं है इनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाती जब भी कभी उच्च अधिकारियों द्वारा इन फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करने की बात चलती है तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इन फर्जी डॉक्टरों को छोड़कर अन्य लोगों पर कार्रवाई कर अपनी पीठ थपथपा लेते हैं अब देखना यह है कि क्या जिले में कुकुरमुत्ता की तरह अपना मकड़ जाल फैलाये इन फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कोई कार्यवाही होती है या नहीं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments