Thursday, January 21, 2021
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कुशल राजनेता ही नहीं, पत्रकारों के मसीहा भी थे, स्व मोतीलाल वोरा/ आसिफ़ उल्ला खां ।


ए, एस, ख़ान

लखनऊ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और नेशनल हेराल्ड, नवजीवन, क़ौमी आवाज़, के डायरेक्टर श्री मोतीलाल वोरा को श्रद्धांजलि देने हेतु बुधवार को अमीनाबाद में एक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी वर्ग और पत्रकार सम्मिलित हुए ।
स्व मोतीलाल वोरा को श्रद्धांजलि देते हुए वरिष्ठ पत्रकार, तथा कांग्रेस नेता पुर्व पार्षद, तथा हेरल्ड इंमप्लाइज़ यूनीयन के पुर्व अध्यक्ष श्री आसिफ उल्ला खां ने कहा कि स्व मोतीलाल वोरा ना केवल एक कुशल राजनेता थे बल्कि पत्रकारिता की भी उनमें गहरी समझ थी, तथा पत्रकारों के लिए हर समय उपलब्ध रहते थे ।
श्री आसिफ उल्ला खां ने बताया कि सन् 19-77- में जनता पार्टी की सरकार में एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड को बंद करवा दिया गया था, तथा यहां से प्रकाशित होने वाले तीनों समाचार पत्रों, हिन्दी दैनिक “नवजीवन” उर्दू दैनिक “क़ौमी आवाज़” तथा अंग्रेजी दैनिक “नेशनल हेराल्ड” से जुड़े करीब 450- पत्रकारों तथा स्टाफ़ वर्करों पर गंभीर भूखमरी का संकट खड़ा हो गया था, ऐसे में उस समय के एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड के डायरेक्टर श्री मोतीलाल वोरा ने हेरल्ड कैम्पस “नेहरू भवन” को रेस्टोरेंट का रूप दे दिया था, जहां दिन भर पूरी सब्जी सहित भोजन पत्रकारों एवं उनके परिजनों के लिए मुफ्त उपलब्ध रहता था ।
यही नहीं हेरल्ड की बंदी के समय में भी श्री मोतीलाल वोरा जी ने संस्थान से जुड़े पत्रकारों तथा अन्य श्रमिकों को समय समय पर भत्ते उपलब्ध कराये जिससे कि पत्रकारों को किसी के सामने हाथ ना फैलाना पड़े ।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार श्री काज़िम हुसैन, फोटो जर्नलिस्ट श्री नय्यर ज़ैदी, वरिष्ठ पत्रकार ए, एस, ख़ान, अनूप सिंह, वामिक ख़ान, आदी ने स्व मोतीलाल वोरा को श्रद्धांजलि अर्पित की ।

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