Tuesday, January 26, 2021
Home बिहार करारी हार के बाद बिहार कांग्रेस में जंगी कार्रवाई के आसार, अगले...

करारी हार के बाद बिहार कांग्रेस में जंगी कार्रवाई के आसार, अगले प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में दलित नेता प्रबल दावेदार:- बाबा-भागलपुर

भागलपुर, बिहार। बिहार के हालिया विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की घटक कांग्रेस पार्टी सिर्फ उन्नीस सीटों पर सिमट गई, जबकि उसने 70-सीटों पर चुनाव लड़ा था। करारी हार के बाद कांग्रेस में ऊपर से नीचे तक राजनीतिक सर्जरी होगी। पार्टी करारी हार के बाद परिणाम की समीक्षा कर रही है। फिलहाल शक्ति सिंह गोहिल बिहार में पार्टी प्रभारी हैं। गोहिल को 2018 में सीपी जोशी की जगह बिहार कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया था। इसके बाद भी बिहार में कांग्रेस का प्रदर्शन बहुत खराब रहा है। प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा का कोई विशेष प्रभाव नहीं रहा। फलस्वरूप इनके गृह जिले में कांग्रेस के प्रत्याशियों को करारी हार का सामना करना पड़ा। पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा और प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने चुनाव में हार के बाद ही त्याग-पत्र देने की पेशकश कर दी थी।


अध्यक्ष पद की दौड़ में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारीक अनवर, राजेश राम, सुधीर कुमार उर्फ बन्टी चौधरी, पूनम पासवान और चन्दन यादव हैं। तारीक अनवर वर्तमान में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव भी हैं, वहीं वे प्रदेश के द़ो बार अध्यक्ष भी रह चुके हैं। इनका कद राष्ट्रीय राजनीति स्तर का है। चंदन यादव राहुव गांधी टीम के सदस्य रह चुके हैं और कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव हैं। राजेश राम कांग्रेस पार्टी के विधायक हैं और विधानसभा में पार्टी के सचेतक हैं। पूनम पासवान, बिहार प्रदेश की जुझारू दलित नेत्री हैं। सुधीर कुमार उर्फ बन्टी चौधरी, युवा दलित नेता व निवर्तमान विधायक हैं।
बिहार में जदयू के महागठबंधन से हटने के बाद अशोक चौधरी कांग्रेस पार्टी के विधायक को तोड़कर जदयू में शामिल करने के लिए अथक प्रयास किये थे लेकिन बन्टी चौधरी की समर्पण के वजह से विधायक (एमएलए) को तोड़ नहीं पायें और कांग्रेस पार्टी के विधायक दल में विभाजन नहीं हो सका। लेकिन 01 मार्च 2018 (गुरुवार) को कांग्रेस के चार विधान पार्षद अशोक चौधरी, दिलीप चौधरी, तनवीर अख्तर और रामचंद्र भारती जद यू में शामिल हो गए थे। कुछ महीनों बाद अशोक चौधरी नीतीश सरकार में मंत्री बने और अभी भी मंत्री पद पर काबिज हैं।
बन्टी चौधरी की वजह से बिहार कांग्रेस विधायक दल विभाजित नहीं हुई थी। इसलिए बन्टी चौधरी को राहुल गाँधी का विश्वासपात्र और गठबंधन धर्म के तहत तेजस्वी यादव का भरोसेमंद साथी माना जा रहा है।ऐसे में कांग्रेस पार्टी सुधीर कुमार उर्फ बन्टी चौधरी को अध्यक्ष की कुर्सी सौंप सकती हैं।
इस सम्बन्ध में अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त ज्योतिष योग शोध केन्द्र, बिहार के संस्थापक दैवज्ञ पं. आर. के. चौधरी उर्फ बाबा-भागलपुर, भविष्यवेत्ता एवं हस्तरेखा विशेषज्ञ ने सुगमतापूर्वक बतलाया कि:- ब्रह्माण्ड में ग्रहों की स्थिति, दैनिक गोचर व कांग्रेस पार्टी की कुण्डली में अवस्थित ग्रहों के विशेषानुसार अवलोकनोपरान्त ज्ञात हो रहा है कि थोड़ी विलम्ब से यानी मई से जून 2021 के मध्यस्थ बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर नये व्यक्ति की ताजपोशी होने के प्रबल आसार हैं। सुधीर कुमार उर्फ बन्टी चौधरी कांग्रेस अध्यक्ष पद पर विराजित हो जाय तो ज्योतिर्विद्या के आलोक में आश्चर्यजनक नहीं होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments