Tuesday, May 17, 2022
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उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी से ज्यादा सपा की सरकार रही है ऐसी हालत में सबसे ज्यादा परेशान किसान बेरोजगार युवा, महिला, दलित वर्ग, मुसलमान और व्यापारी हुआ हैं – सुनील सिंह

संवाददाता अनूप सिंह जे.जे.न्यूज लखनऊ
लखनऊ – चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आते जा रहे है। राजनीतिक पार्टियों की गहमागहमी बढ़ती जा रही है हर पार्टी वोटरों को अपनी और आकर्षित करने के लिए लुभावने में लगे हुऐ है। लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने कार्यालय 8 माल एवेन्यू में कहा है कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी सरकार से ज्यादा सपा की सरकार का शासन रहा है किसी भी सरकार ने किसानों का दर्द नहीं समझा चुनाव के वक्त में किसान याद आते हैं। किसानों के वोट पाने के लिए राजनैतिक पार्टियां बेचैन रहते है। किसान बहुत परेशान हैं। और पार्टी ने अपने संकल्प पत्र में 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था अब किसान पूछ रहे हैं कि किसानों की आय दोगुनी कब होगी? पाँच वर्षों में तो किसान की आयु दुगनी नहीं हो पाई और कितना वक्त लेंगे। चौधरी सुनिल सिंह ने कहा, ‘‘किसान देश के लिए अन्न उपजाता है और विकास के लिए अपनी जमीन भी देता है। सरकार उसे ठीक तरह से मुआवजा नहीं देती । यह दुख की बात है कि केंद्र व राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार रही है। उत्तर प्रदेश में सरकार होने के बावजूद सबसे ज्यादा संकट में किसान रहे हैं, अन्नदाता हमें रोटी देते हैं, जो हमें पहनने के लिये कपड़े देता हैं, विकास के लिये अगर जमीन चाहिये तब भी हमारा किसान ही जमीन दे रहा है । इसके बावजूद आज सबसे ज्यादा दुखी,लाचार, कमजोर अन्नदाता किसान ही हैं।
भाजपा और सपा के कई अन्य नेताओं ने मंच से यह कहा कि 2022 तक हम किसानो की आय को दोगुनी कर देंगे।
उत्तर प्रदेश का किसान उत्तर प्रदेश की जनता भाजपा से यह जानना चाहती है कि आज किसानों की आय क्या हैं ? आज जो महंगाई बढ़ गयी हैं उसका क्या है? विधानसभा चुनाव में लोकदल जनता को तीसरे विकल्प के रूप मे प्रदेश के विकास के लिए लोकदल के रूप में एक विकल्प की आस लगाए हैं। लोकदल 2022 विधानसभा चुनाव में किसानों को उसकी आय दुगनी देने के लिए संकल्पित है।.लोकदल के चौधरी सुनील सिंह ने बताया कि लोकदल के घोषणा पत्र में किसानों को सभी उपज धान व गेहूं सहित 4000 रुपए एमएसपी देना रखा गया है। लोकदल सत्ता में आती है तो जनता पर लगने वाले सभी प्रकार के टैक्स को खत्म किया जाएगा और सिर्फ एक बैंकिंग ट्रांजैक्शन टैक्स, वह भी 3 लाख से ऊपर पर रखा जाएगा जिससे डीजल पेट्रोल गैस की कीमतें कम होंगी. प्रत्येक वार्ड, ग्राम सभा में एक लघु कुटीर उद्योग लगाया जाएगा, जिससे कम से कम 100 परिवारों को रोजगार मिले।
विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल के गठबंधन पर भी तंज कसा है। लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने कहा कि जब मुजफ्फरनगर में दंगा हुआ, उस समय अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे अजीत सिंह राजनीति में थे. लेकिन मुजफ्फरनगर के दंगे में दोनों नेता जनता के बीच नहीं गए. आज मौकापरस्ती के लिए दोनों एक होकर चुनाव लड़ रहे हैं। चौधरी चरण सिंह कहते थे कि मेरा बेटा अमेरिका में पला बढ़ा है. वह इस देश के किसानों को नहीं जानता. उसे राजनीति में लाएंगे तो एक बहुत बड़ी भूल होगी. जयंत चौधरी भी अमेरिका में रह कर पले बढ़े. सन् 2009 का चुनाव लड़ने के लिए उन्हें भारत की नागरिकता लेनी पड़ी थी. अखिलेश यादव भी ऑस्ट्रेलिया से पढ़कर आए. चौधरी सुनिल सिंह ने कहा है कि राकेश टिकैत आएं राजनीति में जिस तरह से अन्ना आंदोलन में अरविंद केजरीवाल राजनीति में आए और चमके. उसी तरीके से किसान आंदोलन में सक्रिय रहे राकेश टिकैत को भी राजनीति में आना चाहिए और चुनाव लड़ना चाहिए.l किसान बेरोजगार युवा व्यापारी वर्ग आम जनता सभी परेशान हैं ऐसे में
जनता में भाजपा के प्रति भारी गुस्सा है और चुनाव के बाद भाजपा और सपा को जनता अपने वोट की ताकत से समझाने वाली है।

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