Tuesday, August 9, 2022
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इन्फेंट एंड यंग चाइल्ड फीडिंग पर नई एएनएम, जीएनएम और सीएचओ को दी जा रही ट्रेनिंग

एएनएम स्कूल सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

प्रतिभागियों के बीच शिशु स्वास्थ्य विषय पर क्विज कांटेस्ट आज

विजेता टीम को पुरस्कार देकर किया जाएगा सम्मानित

डॉ शशि कांत सुमन
मुंगेर | शिशु स्वास्थ्य प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत इंफेंट एंड यंग चाइल्ड फीडिंग विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है । प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला के विभिन्न अस्पातल, प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर से कुल 20 की संख्या में एएनएम, जीएनएम और सीएचओ शामिल हुए। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत नये बहाल स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष तौर पर बुलाया गया ताकि उन्हें शिशु स्वास्थ्य के विभिन्न तकनीकी पहलुओं के बारे में प्रशिक्षित किया जा सके। इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम समन्वयक विकास कुमार ने ऑडियो- विजुअल माध्यम से सभी लोगों को इंफेंट एंड यंग चाइल्ड फीडिंग के तमाम तकनीकी पहलूओं की विस्तार पूर्वक जानकारी दी।

क्विज कांटेस्ट का आयोजन, आज –
प्रशिक्षण में एएनएम, जीएनएम और सीएचओ को इंफेंट एंड यंग चाइल्ड ब्रेस्ट फीडिंग के बारे में विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जा रही है। ट्रेनिंग में किसने कितना सीखा इसकी जांच के लिए शुक्रवार को क्विज कांटेस्ट होगा जिसके लिए सभी प्रतिभागियों को दो ग्रुप में बांटा गया है। एक प्रतिभागियों को सिर्फ एक ही बार प्रश्न का उत्तर देने की इजाजत है। अन्य प्रश्न के समय वो सिर्फ अपने ग्रुप को सहयोग कर सकते थे। इसके बाद विजेता ग्रुप के सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।

माताओं को छ्ह महीने तक सिर्फ और सिर्फ अपना स्तनपान कराने के लिए ही करें प्रेरित

इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक नसीम रजी ने स्वास्थ्य कर्मियों को शिशु को नियमित स्तनपान कराने के दौरान माता के द्वारा बरती जानी वाली सावधानी और इससे होने वाले फायदों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए बताया । उन्होंने बताया कि आप सभी क्षेत्र में स्तनपान कराने वाली माताओं को कम से कम छ्ह महीने तक सिर्फ और सिर्फ अपना स्तनपान कराने के लिए ही प्रेरित करें | इसके बाद नियमित स्तनपान के साथ ऊपरी आहार खिलाने की सलाह दें ताकि शिशु को सही पोषण मिल सके और वो कुपोषण का शिकार न होने पाए।

नियमित स्तनपान से बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता का होता है विकास

प्रशिक्षक के तौर पर बरियारपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत करहरिया हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की सीएचओ विशाखा कुमारी ने सभी लोगों को ब्रेस्ट की एनाटॉमी के साथ-साथ बेनिफिट ऑफ ब्रेस्टफीडिंग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिशु को नियमित स्तनपान कराने से उसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता जिससे वो कई बीमारियों से लड़ पाता है। इसके साथ ही उन्होंने सभी को वर्बल और नॉन वर्बल कम्युनिकेशन जिसके अंतर्गत पोस्चर, डिस्टेंस, आई कॉन्टेक्ट, बैरियर,टेकिंग टाइम टच, ओपन प्रश्न करना, यूज़ रेस्पॉन्स, रिफ्लेक्ट बैक सिहित कई तकनीकी पहलूओं की बारीकी से जानकारी दी।

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